पूर्व मुख्यमंत्री ने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ किया प्रदर्शन; एआई के जरिए छवि बिगाड़ने का लगाया गंभीर आरोप, पुलिस में दर्ज कराई शिकायत।
देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता हरीश रावत ने भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को देहरादून में उन्होंने बीजेपी पर अपनी छवि धूमिल करने का आरोप लगाते हुए बीजेपी प्रदेश मुख्यालय तक विशाल मार्च निकाला। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीजेपी सरकार और संगठन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
क्या है ‘AI वीडियो’ विवाद?
हरीश रावत का आरोप है कि भाजपा ने तकनीक का गलत इस्तेमाल करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से एक भ्रामक वीडियो तैयार किया और उसे प्रसारित किया। रावत के अनुसार:
-
इस वीडियो के जरिए उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है।
-
वीडियो में तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है ताकि जनता के बीच उनकी लोकप्रियता को कम किया जा सके।
-
उन्होंने इसे ‘तकनीकी प्रपंच’ और ‘चरित्र हनन’ की राजनीति करार दिया।
‘झूठ और फरेब के सहारे बीजेपी’— हरीश रावत
भाजपा मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए हरीश रावत ने सत्तारूढ़ दल पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा:
“भाजपा की राजनीति अब केवल झूठ, फरेब और प्रपंच की बदौलत चल रही है। जब वे विकास के नाम पर नहीं लड़ सकते, तो एआई (AI) जैसे औजारों का सहारा लेकर मुस्लिम तुष्टीकरण के झूठे आरोप लगा रहे हैं। मैं इस तरह के कायरतापूर्ण कृत्यों के खिलाफ चुप नहीं बैठूंगा।”
कानूनी कार्रवाई और ‘न्याय यात्रा’ का ऐलान
मामले को गंभीरता से लेते हुए हरीश रावत ने पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने ऐलान किया कि वे इस झूठे प्रचार के खिलाफ जनता के बीच जाएंगे और पूरे प्रदेश में ‘न्याय यात्रा’ निकालेंगे।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
यह मामला उत्तराखंड में तकनीकी दुरुपयोग का पहला बड़ा राजनीतिक मामला बनकर उभरा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव के करीब आते ही डिजिटल प्रोपेगेंडा और ‘डीपफेक’ जैसी तकनीकें राज्य की सियासत को और अधिक तनावपूर्ण बना सकती हैं।
