देहरादून| उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज एक बार फिर राज्य में सरकारी नौकरियों को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से देने के अपने संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा कि उनका वादा था कि नौकरी के लिए किसी युवा को सिफारिश या रिश्वत की जरूरत नहीं पड़ेगी, और केवल मेहनत व योग्यता के दम पर ही सरकारी नौकरी मिलेगी।

राज्य गठन के बाद की सबसे बड़ी नियुक्ति
मुख्यमंत्री धामी ने इस दौरान अपनी सरकार की उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े चार साल में प्रदेश के लगभग 27,000 नौजवान साथियों को पूरी तरह निष्पक्ष प्रक्रिया से सरकारी नौकरी मिली है।
सीएम धामी ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा, “मुझे यह बताते हुए बेहद संतोष हो रहा है कि राज्य गठन के बाद से अब तक हुई कुल सरकारी भर्तियों में से दो-तिहाई से ज्यादा नियुक्तियां सिर्फ हमारी सरकार के कार्यकाल में ही हुई हैं।”
भर्ती प्रक्रिया रहेगी अनवरत जारी
सीएम धामी ने युवाओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि यह यात्रा यहीं नहीं रुकेगी और भर्ती प्रक्रिया अनवरत चलती रहेगी।
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उन्होंने बताया कि आगे की सभी भर्तियों का कैलेंडर पहले से तैयार है।
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उन्होंने प्रदेश के सभी नौजवानों से अपील की कि वे अपनी तैयारी बनाए रखें, क्योंकि आने वाले समय में और भी बड़े अवसर उनके इंतजार में हैं।
मुख्यमंत्री का यह बयान यह साबित करता है कि उत्तराखंड सरकार नौजवानों के भविष्य को लेकर कितनी गंभीर है। पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से न केवल बेरोजगारी पर लगाम लग रही है, बल्कि युवाओं में सरकार के प्रति विश्वास भी मजबूत हो रहा है।
