काजी निजामुद्दीन
विधायक काजी निजामुद्दीन ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए गंभीर सवाल; हरिद्वार के नाथूखेड़ी पंचायत चुनाव का दिया उदाहरण
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प्रमुख नेता: काजी निजामुद्दीन (मंगलौर विधायक एवं कांग्रेस राष्ट्रीय सचिव)
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मुख्य मुद्दे: पंचायत, सहकारिता, निकाय और छात्रसंघ चुनावों में धांधली के आरोप
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विशिष्ट मामले: नाथूखेड़ी पंचायत चुनाव परिणाम विवाद और मंगलौर निकाय चुनाव नामांकन रद्द होना
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प्रमुख मांग: चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता की सुनिश्चितता
देहरादून: उत्तराखंड में आगामी और हालिया चुनावों की निष्पक्षता को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं मंगलौर विधायक काजी निजामुद्दीन ने बुधवार को कांग्रेस भवन में आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान चुनाव प्रक्रियाओं की पारदर्शिता, मतदाता सूचियों में गड़बड़ियों और प्रशासनिक तंत्र के दुरुपयोग को लेकर सरकार व निर्वाचन आयोग पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने दोटूक कहा कि पार्टी चुनावों में किसी भी प्रकार की धांधली को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
हरिद्वार के नाथूखेड़ी पंचायत चुनाव का मामला
प्रेसवार्ता में विधायक काजी निजामुद्दीन ने हरिद्वार जिले के नाथूखेड़ी पंचायत चुनाव का विशेष हवाला दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां सुशील कुमार ने पंचायत प्रधान का चुनाव लड़ा था और वे 22 मतों से विजयी भी हो गए थे। लेकिन दूसरे पक्ष की आपत्ति के बाद आठ बार मतों की गिनती कराई गई और अंततः सुशील कुमार को 1 वोट से हरा हुआ घोषित कर दिया गया, जो प्रशासनिक व्यवस्था पर एक बड़ा सवालिया निशान है।
अन्य चुनावों पर भी उठाए गंभीर सवाल
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निकाय चुनाव (मंगलौर): वर्ष 2025 के निकाय चुनाव में मंगलौर नगर पालिका से चौथी बार चुनाव लड़ रहे चौधरी इस्लाम का नामांकन नजूल भूमि पर कब्जे की शिकायत के आधार पर रद्द कर दिया गया, जबकि वे पहले 2013 में नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव जीत चुके थे।
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सहकारिता चुनाव: सहकारिता चुनावों में परिसीमन की अधिसूचना जारी होने के बाद उसमें संशोधन कर महज 15 दिन में पूरी प्रक्रिया को जल्दबाजी में पूरा किया गया, जिसे कांग्रेस ने पूरी तरह नियम विरुद्ध बताया।
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छात्रसंघ चुनाव: देहरादून के डीएवी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव के दौरान एनएसयूआई के नेता विनीत भट्ट की गिरफ्तारी पर भी कड़ा विरोध जताया गया।
मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करेगी कांग्रेस
विधायक काजी निजामुद्दीन ने कहा कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर संदेह पैदा होता है। कांग्रेस पार्टी राज्य के एक-एक नागरिक के मत के अधिकार की पूरी सुरक्षा करेगी और किसी भी प्रकार के उल्लंघन को सहन नहीं किया जाएगा।
प्रेसवार्ता के दौरान प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, प्रदेश महामंत्री राजेंद्र शाह, प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष सुलेमान अंसारी और सोशल मीडिया चेयरमैन अभिनव थापर समेत कई प्रमुख नेता मौजूद रहे।
