देहरादून क्राइम
नौकर ने खाने में मिलाया नशीला पदार्थ, परिवार को बेसुध कर साथियों संग उड़ा ले गया गहने, नकदी और लाइसेंसी पिस्टल
- घटनास्थल: विजय पार्क, देहरादून (पार्षद अमिता सिंह का आवास)
-
मुख्य आरोपी: नौकर भरत (मात्र 20 दिन पहले हुआ था काम पर तैनात)
-
अपराध का तरीका: परिवार को खाने में नशीला पदार्थ देकर बेहोश करना
-
चोरी गया सामान: गहने, नकदी और लाइसेंसी पिस्टल
-
अन्य खुलासे: सीसीटीवी में कुल 5 संदिग्ध भागते हुए कैद
देहरादून: विजय पार्क स्थित भाजपा पार्षद अमिता सिंह के घर हुई लूट की वारदात ने शहर में सनसनी फैला दी है। इस मामले में पुलिस जांच के दौरान हैरान करने वाले खुलासे हुए हैं। घर में महज 20 दिन पहले काम पर रखे गए नौकर भरत ने ही इस पूरी घटना की खौफनाक और सुनियोजित पटकथा तैयार की थी। खाने में नशीला पदार्थ मिलाने से लेकर वारदात के बाद भागने तक की पूरी प्लानिंग पहले से तय थी।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
पुलिस जांच के मुताबिक, मंगलवार रात करीब साढ़े नौ से दस बजे के बीच आरोपी नौकर भरत ने ही परिवार के सदस्यों को खाना परोसा था। खाना खाने के कुछ ही देर बाद पार्षद अमिता सिंह, उनके पति महिपाल सिंह और बेटा शुभम गहरी नींद में चले गए। परिवार को अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि खाने में कौन सा नशीला पदार्थ मिलाया गया था।
जब पूरा परिवार बेसुध हो गया, तब भरत ने अपने साथियों को घर के अंदर बुलाया। आरोपी अपने साथ सब्बल और रॉड जैसे खतरनाक औजार भी लेकर पहुंचे थे। पुलिस का मानना है कि यदि नशे के असर के बीच परिवार के किसी सदस्य ने विरोध किया होता, तो यह घटना और भी गंभीर रूप ले सकती थी।
खटपट की आवाज पर खुली आंख, पर नशे के कारण दोबारा सोए
रात करीब 1:20 बजे महिपाल सिंह की नींद घर में हो रही खटपट की आवाज से खुली। उन्होंने कमरे में भरत के अलावा दो अन्य अनजान लोगों को भी देखा। जब उन्होंने पूछताछ की, तो शातिर भरत ने उन्हें वापस सो जाने और खुद काम करने की बात कहकर टाल दिया। नशे का असर इतना गहरा था कि महिपाल सिंह दोबारा सो गए। इसी का फायदा उठाकर आरोपियों ने लॉकर तोड़ा और उसमें रखे जेवर, नकदी और लाइसेंसी पिस्टल लेकर फरार हो गए।
पुलिस जांच और सीसीटीवी खुलासे
-
पूर्व नियोजित साजिश: आरोपियों की तैयारी देखकर पुलिस भी हैरान है। वे घर की पूरी दिनचर्या और स्थिति से वाकिफ थे।
-
भागने की चालाकी: घटना के बाद सामने आए सीसीटीवी फुटेज में पांच लोग घर से निकलकर भागते हुए दिखाई दे रहे हैं। इनमें से चार लोग एक दिशा में और एक अन्य दूसरी दिशा में भागा, जिसे पुलिस पुलिस की तलाश को भ्रमित करने की सोची-समझी रणनीति मान रही है।
-
ऑनलाइन रखा गया था नौकर: कुछ दिन पहले ही बेटी ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए भरत को नौकरी पर रखा था।
फिलहाल, सीओ अंकित कंडारी के नेतृत्व में पुलिस भरत के संपर्कों, मोबाइल लोकेशन, ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म के रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच कर रही है ताकि सभी आरोपियों को जल्द सलाखों के पीछे पहुंचाया जा सके।
