राज्यपाल
देहरादून: उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कहा है कि 21वीं सदी में भारत की वास्तविक शक्ति उसकी ज्ञान-संपन्न युवा ऊर्जा में है। आज देश का युवा किसी बाहरी सोच या मॉडल का मोहताज नहीं है, बल्कि वह अपनी 5000 वर्ष पुरानी सभ्यता और आधुनिक तकनीकों के संगम से ‘विकसित भारत @2047’ के महासंकल्प को साकार कर रहा है।
राज्यपाल ने अपने संदेश में युवाओं को केवल ‘जॉब सीकर’ के बजाय ‘जॉब क्रिएटर’, शोधकर्ता और राष्ट्र-निर्माता बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के ‘इंडिया एआई मिशन’ और 2 लाख करोड़ रुपये के रोजगार व कौशल विकास पैकेज से देश के स्टार्टअप्स और युवाओं को अभूतपूर्व अवसर मिल रहे हैं।
सुशासन और तकनीकी आत्मनिर्भरता
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से प्रशासन में पारदर्शिता और दक्षता लाई जा रही है। ‘अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन’ (ANRF) के गठन से वैज्ञानिक शोध और नवाचार को नई दिशा मिल रही है, जिससे युवाओं के विचार सफल स्टार्टअप्स में बदल रहे हैं।
उत्तराखंड की अग्रणी भूमिका
नीति आयोग के SDG India Index (2023-24) में प्रथम स्थान प्राप्त कर उत्तराखंड ने सतत विकास के नए मानदंड स्थापित किए हैं। ‘लखपति दीदी’ योजना के तहत महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ के माध्यम से सीमांत क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। चारधाम ऑल-वेदर रोड, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना और ‘Wed in Uttarakhand’ जैसी पहलों से राज्य विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
