हरिद्वार: उत्तराखंड में महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर पुलिस प्रशासन बेहद सख्त नजर आ रहा है। ताजा मामला हरिद्वार के थाना बुग्गावाला क्षेत्र के बंदरजूड का है, जहां एक महिला को प्रताड़ित करने और उसे ‘तीन तलाक’ देकर घर से निकालने के आरोप में पुलिस ने त्वरित एक्शन लिया है। खास बात यह है कि इस मामले में अब समान नागरिक संहिता के प्रावधानों के तहत भी धाराएं बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
ढाई साल पहले हुई थी शादी, फिर शुरू हुआ प्रताड़ना का दौर
जानकारी के अनुसार, पीड़िता शाहीन का निकाह करीब ढाई साल पहले मुस्लिम रीति-रिवाज के साथ मोहम्मद दानिश के साथ हुआ था। आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल पक्ष और पति द्वारा उसे लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। विवाद तब बढ़ गया जब पति ने कथित तौर पर तीन बार ‘तलाक’ बोलकर महिला को घर से बेदखल कर दिया। न्याय की गुहार लेकर पीड़िता ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया।
UCC के तहत कसा जाएगा कानूनी शिकंजा
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। एसएसपी ने बताया कि बुग्गावाला थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर केस में समान नागरिक संहिता की धाराएं भी जोड़ी जाएंगी। उत्तराखंड में लागू हुए नए प्रावधानों के बाद इस तरह के मामलों में यह बड़ी कानूनी कार्रवाई मानी जा रही है।
महिला सुरक्षा सर्वोपरि: एसएसपी
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने कहा, “महिलाओं की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस न केवल कार्रवाई कर रही है, बल्कि जागरूकता अभियानों के जरिए महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति सचेत भी कर रही है।”
