मंगलौर
शिया समाज ने जलसे के जरिए दी श्रद्धांजलि, दुनिया में अमन-चैन के लिए की गई विशेष दुआ
मंगलौर : ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन की खबर के बाद शिया मुस्लिम समाज में गहरे शोक की लहर है। इसी क्रम में हरिद्वार जनपद के मंगलौर स्थित मोहल्ला हल्का में एक विशेष ‘खिराज-ए-अकीदत’ जलसे का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अकीदतमन्दों ने शिरकत कर शहीदों को याद किया और उनके बुलंद दरजात के लिए दुआ-ए-मगफिरत की।
इंसानियत के लिए जंग गंभीर चिंता:
उलेमा जलसे को संबोधित करने के लिए दिल्ली से विशेष रूप से मशहूर धर्मगुरु मौलाना हाफिज मोहम्मद रज़ा रिज़वी पहुंचे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि दुनिया में बढ़ते युद्ध के हालात और बेगुनाहों का खून बहना इंसानियत के लिए सबसे बड़ा जुर्म है। मौलाना रिज़वी ने जोर देकर कहा कि जंग कभी भी किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकती, बल्कि यह केवल तबाही और मानवीय क्षति का कारण बनती है।
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शांति और भाईचारे की अपील
कार्यक्रम में मौजूद अन्य उलेमा-ए-किराम ने भी दुनिया में शांति और भाईचारे की स्थापना पर बल दिया। जलसे के दौरान वक्ताओं ने बेगुनाह लोगों की जान जाने पर गहरा दुख व्यक्त किया। उपस्थित लोगों ने नम आंखों से शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश की और सामूहिक रूप से दुनिया में अमन-ओ-अमान कायम रहने की प्रार्थना की। इस दौरान सुरक्षा और शांति व्यवस्था को लेकर स्थानीय प्रशासन भी मुस्तैद नजर आया।
