भगत सिंह कोश्यारी
देहरादून|गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार द्वारा देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों की घोषणा की गई है। इस वर्ष की सूची में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी का नाम भी शामिल है। गृह मंत्रालय द्वारा जारी 131 नामों की सूची में कोश्यारी को सार्वजनिक जीवन के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए पद्म विभूषण से सम्मानित करने का निर्णय लिया गया है।
बागेश्वर जनपद के कपकोट विकासखंड के सुदूर गांव नामती चेताबगड़ के मूल निवासी कोश्यारी, उत्तराखंड की राजनीति में ‘भगत दा’ के नाम से लोकप्रिय हैं। राज्य गठन के बाद से ही उन्होंने प्रदेश की प्रगति में अहम भूमिका निभाई है- वे उत्तराखंड की अंतरिम सरकार में मुख्यमंत्री रहे और कैबिनेट मंत्री के रूप में भी सेवाएँ दीं। उन्होंने कपकोट विधानसभा का दो बार प्रतिनिधित्व किया और उधमसिंह नगर सीट से लोकसभा सांसद भी रहे।उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और सदन में नेता प्रतिपक्ष के रूप में उनकी संगठन पर पकड़ बेमिसाल मानी जाती है।
विशिष्ट संवैधानिक पदों पर योगदान
सक्रिय राजनीति के बाद भगत सिंह कोश्यारी ने महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। जनहित में किए गए उनके कार्यों और कार्यकर्ताओं के बीच उनकी सादगी भरी छवि के कारण उन्हें यह विशेष सम्मान मिला है।
कोश्यारी जी को पद्म विभूषण मिलने की खबर से उनके गृह जनपद बागेश्वर समेत पूरे उत्तराखंड में जश्न का माहौल है। राज्य के नेताओं और आम जनता ने इसे देवभूमि के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है।
