मसूरी: अंकित भंडारी हत्याकांड को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कड़ा रुख अपनाया है। मसूरी में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने विपक्ष पर तीखा हमला बोला और साफ किया कि सरकार किसी भी जांच से पीछे नहीं है, लेकिन केवल राजनीतिक शोर-शराबे के आधार पर सीबीआई (CBI) जांच नहीं कराई जा सकती।
मंत्री गणेश जोशी ने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनके पास मामले से जुड़ा कोई भी ठोस साक्ष्य है, तो उसे सामने रखें। उन्होंने कहा, “सरकार सीबीआई या उससे भी ऊपर की किसी जांच के लिए तैयार है, बशर्ते उसके लिए पर्याप्त आधार और प्रमाण हों। केवल बयानबाजी से न्याय प्रक्रिया नहीं चलती।” उन्होंने आगे कहा कि अब तक विपक्ष कोई भी नया तथ्य पेश करने में विफल रहा है और केवल भ्रम फैलाकर जनता को गुमराह कर रहा है।
गणेश जोशी ने सरकार का बचाव करते हुए कहा कि आरोपियों के खिलाफ पहले ही कड़ी कार्रवाई की जा चुकी है और वे जेल में हैं। उन्होंने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व, विशेषकर राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत गौतम पर लग रहे आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहा है।
कैबिनेट मंत्री ने राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए विपक्षी आरोपों को खारिज किया:
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नकल विरोधी कानून: उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जहां इतना सख्त कानून लागू हुआ।
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रोजगार: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में 28 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
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विकास कार्य: प्रदेश में विकास की गति निरंतर बनी हुई है।
अंत में जोशी ने विश्वास जताया कि आगामी चुनावों में जनता विपक्ष के ‘भ्रम’ का जवाब देगी और उत्तराखंड में एक बार फिर पूर्ण बहुमत के साथ भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी।
