हरिद्वार। जनपद में बढ़ती शीत लहर और कड़ाके की ठंड को देखते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने स्वयं मोर्चा संभाल लिया है। बेसहारा, असहाय और गरीब लोगों को ठंड के प्रकोप से बचाने के लिए जिलाधिकारी ने देर रात शहर के विभिन्न क्षेत्रों का औचक निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त करने के कड़े निर्देश दिए।
रैन बसेरों में सुविधाओं की पड़ताल
जिलाधिकारी सबसे पहले रोड़ीबेलवाला क्षेत्र स्थित रैन बसेरों में पहुँचे। उन्होंने वहां साफ-सफाई, हीटर की उपलब्धता, बिजली की सुचारू व्यवस्था और आगंतुक रजिस्टर के रखरखाव का बारीकी से निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि रैन बसेरों में रुकने वाले लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
अवैध वसूली पर कड़ा रुख
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी रैन बसेरे या सार्वजनिक शौचालय में ‘यूरिन’ (शौच) के लिए किसी भी व्यक्ति या श्रद्धालु से कोई शुल्क नहीं वसूला जाएगा। उन्होंने मौके पर ही आदेश दिए कि यदि कहीं शुल्क संबंधी बोर्ड लगे हैं, तो उन्हें तत्काल हटाया जाए। सुरक्षा की दृष्टि से उन्होंने सभी रैन बसेरों का विद्युत लोड ऑडिट कराने के भी निर्देश दिए।
घाटों से अतिक्रमण हटाने और अलाव जलाने के निर्देश
बढ़ती ठंड से राहत देने के लिए जिलाधिकारी ने शहर के मुख्य चौराहों, सार्वजनिक स्थानों और गंगा घाटों पर नियमित रूप से अलाव जलाने को कहा है। इसके साथ ही उन्होंने ‘हर की पौड़ी’ से लेकर ‘शिव पुल’ और ‘ओम पुल’ तक के सभी घाटों को तत्काल अतिक्रमण मुक्त करने के आदेश दिए, ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन में दिक्कत न हो।
जरूरतमंदों को बांटे कंबल
मानवता की मिसाल पेश करते हुए जिलाधिकारी ने फुटपाथ और घाटों पर सो रहे गरीब व असहाय लोगों को कंबल वितरित किए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का यह राहत अभियान लगातार जारी रहेगा। जिले के सभी उप जिलाधिकारियों (SDM) को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहें और सुनिश्चित करें कि कोई भी जरूरतमंद खुले में न सोए।
“प्रशासन का लक्ष्य है कि जनपद में कोई भी व्यक्ति कड़ाके की ठंड में असुरक्षित न रहे। रैन बसेरों में सभी सुविधाएं निःशुल्क रहेंगी और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।” — मयूर दीक्षित, जिलाधिकारी, हरिद्वार
