हल्दूचौड़ के कई गांवों में रात का सन्नाटा दहशत में बदला; वन विभाग के खिलाफ ग्रामीणों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
लालकुआँ/हल्दूचौड़। लालकुआँ कोतवाली क्षेत्र के हल्दूचौड़ इलाके में जंगली हाथियों का आतंक अब काबू से बाहर हो चुका है। पेशकार पुर, बच्चीधर्मा और गोपीपुरम सहित आसपास के कई गांवों में रात का सन्नाटा दहशत में बदल गया है, क्योंकि ग्रामीण हर रात इस डर में सो रहे हैं कि अगला हमला उनके घर या खेतों पर होगा।
हाथियों ने रात 4 बजे मचाया तांडव:
शनिवार रात लगभग 4 बजे, हाथियों के एक झुंड ने पेशकार पुर में जबरदस्त तबाही मचाई। किसान एनडी शर्मा की महीनों की मेहनत से तैयार फसलों को हाथियों ने पूरी तरह चौपट कर दिया। इतना ही नहीं, हाथियों ने उनके घर की दीवार भी तोड़ डाली, जिससे क्षेत्र में लोगों के बीच दहशत और बढ़ गई है।
गौला रेंज अंतर्गत आने वाले इस क्षेत्र में हाथी लगातार जंगलों से निकलकर आबादी वाले इलाकों में पहुँच रहे हैं। पीड़ित किसान एनडी शर्मा ने बताया कि हाथी कॉरिडोर बाधित होने के कारण हाथी गांव की ओर आ रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि हाथी इतने उग्र थे कि लोगों को देखते ही उनकी ओर हमलावर होकर दौड़ रहे थे।
ग्रामीणों ने दी चेतावनी:
सुबह होने पर ग्रामीणों ने वन विभाग को इसकी सूचना दी। वन विभाग ने मौके पर पहुँचकर ग्रामीणों को उचित मुआवजा देने का आश्वासन दिया है।
हालांकि, लगातार हो रहे नुकसान और जान-माल के खतरे से आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग और सरकार से जल्द से जल्द हाथियों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ और क्षेत्र में गश्त नहीं बढ़ाई गई, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर यही स्थिति रही तो कोई बड़ी जनहानि हो सकती है।
