देहरादून। प्रदेश के करीब 14 लाख राशन उपभोक्ताओं को सरकारी राशन की दुकानों से मिलने वाले नमक के लिए अगले साल तक इंतजार करना पड़ सकता है। नमक की आपूर्ति में एक तकनीकी पेंच आ गया है, जिसके चलते खाद्य विभाग ने फिलहाल वितरण पर रोक लगा दी है।
क्या है मामला?
दरअसल, सरकारी राशन की दुकानों से वितरित किए जा रहे नमक में रेत की शिकायतें मिलने पर सरकार ने जांच के आदेश दिए थे। जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी के. के. अग्रवाल ने बताया कि:
खाद्य विभाग की जांच में नमक में अघुलनशील तत्व पाए गए।
इस आधार पर नमक की आपूर्ति पर तत्काल रोक लगा दी गई है।
NCCF ने दिया जवाब
मामले में, नमक की आपूर्ति करने वाली एजेंसी एनसीसीएफ (NCCF) ने खाद्य विभाग को नोटिस का जवाब देते हुए कहा है कि नमक में दो प्रतिशत तक अघुलनशील तत्व हो सकता है।
वितरण कब होगा शुरू?
जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी के. के. अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में नमक का वितरण रोक दिया गया है। उन्होंने कहा कि जैसे ही शासन (सरकार) से इस संबंध में दिशा-निर्देश मिलेंगे, उसके पश्चात ही नमक का वितरण फिर से शुरू किया जाएगा।
लाखों उपभोक्ताओं को अब इस आवश्यक वस्तु के लिए सरकारी निर्देशों का इंतजार करना पड़ेगा।
