रामनगर। ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने की दिशा में रचनात्मक शिक्षक मंडल ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। सांवल्दे पश्चिम क्षेत्र में ‘जोतीबा फुले–सावित्रीबाई फुले सायंकालीन स्कूल’ का शुभारंभ हो गया है। इस अभिनव पहल की नींव उत्तराखंड शिक्षा परिषद के सचिव वी.पी. सिमल्टी द्वारा विधिवत रूप से रखी गई।
2000 से अधिक बच्चों को मिलेगी निःशुल्क शिक्षा
इस सायंकालीन स्कूल का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के लगभग 10 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले 2000 से अधिक छात्र-छात्राओं को निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। कार्यक्रम के दौरान सचिव वी.पी. सिमल्टी ने कहा कि सरकारी शिक्षकों द्वारा समाज हित में किया जा रहा यह प्रयास अनुकरणीय है और यह ग्रामीण बच्चों के शैक्षिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
रचनात्मक शिक्षक मंडल के संयोजक नवेंदु मठपाल ने बताया कि यह अभियान केवल प्राथमिक शिक्षा तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें माध्यमिक और उच्च शिक्षा के छात्रों को भी जोड़ा जाएगा। स्कूल में:
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स्कूली पाठ्यक्रम के अनुसार नियमित पढ़ाई।
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प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष मार्गदर्शन।
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कंप्यूटर शिक्षा और रोजगारपरक कौशल विकास।
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बालिका शिक्षा पर विशेष फोकस रहेगा।
यह पूरी पहल जनसहयोग से चलेगी, जिसमें शिक्षक और प्रबुद्ध नागरिक अपनी सेवाएं देंगे। स्कूल परिसर का नाम स्वतंत्रता सेनानी हरिदत्त मठपाल और अंबादत्त बेलवाल के नाम पर रखा गया है। इसके अलावा, परिसर में साहित्य अकादमी से सम्मानित कुमाउनी साहित्यकार मथुरादत्त मठपाल की स्मृति में उत्तराखंडी साहित्य एवं संस्कृति केंद्र भी स्थापित किया जाएगा।
