कांग्रेस ने सड़क पर उतरकर जताया विरोध; पूर्व विधायक बोलीं- “इतिहास मिटाने की कोशिश कर रही है मोदी सरकार”
रामनगर: महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलने के केंद्र सरकार के प्रस्ताव के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। इसी कड़ी में रामनगर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक रणजीत रावत के नेतृत्व में केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और पुतला दहन किया।
“गरीबों की जीवन रेखा है मनरेगा”
पूर्व विधायक रणजीत रावत ने कहा कि मनरेगा दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार योजना है, जिसे विश्व बैंक ने भी सराहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में जब सब कुछ बंद था, तब मनरेगा ही गरीबों के लिए जीवन रेखा साबित हुई थी। पीएम मोदी द्वारा सदन में इसे ‘विफलता का स्मारक’ कहना राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और गरीबों का अपमान है।
सरकार पर इतिहास मिटाने का आरोप
रणजीत रावत ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा:
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पहचान मिटाने की साजिश: पहले खादी से गांधी जी की तस्वीर हटाई गई और अब मनरेगा से उनका नाम हटाने की तैयारी है।
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जनविरोधी मानसिकता: नाम बदलने का प्रस्ताव मोदी सरकार की जनविरोधी सोच को दर्शाता है।
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अमिट इतिहास: गांधी, नेहरू, इंदिरा और राजीव गांधी का नाम देश के इतिहास और जनता के दिलों से नहीं मिटाया जा सकता।
तीखी चेतावनी: नोटों से भी हट सकती है तस्वीर
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि आज नाम बदलने का विरोध नहीं हुआ, तो कल सरकार नोटों से भी गांधी जी की तस्वीर हटाने का प्रयास करेगी। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए सरकार से इस प्रस्ताव को तत्काल वापस लेने की मांग की।
