हिल स्टेशन और क्लबों के बजाय ‘गंगा स्नान’ बना युवाओं की पसंद; धार्मिक पर्यटन से होटल कारोबारियों के चेहरे खिले
हरिद्वार। साल 2025 की विदाई और नए साल 2026 के स्वागत के लिए धर्मनगरी हरिद्वार पूरी तरह तैयार है। पिछले कुछ वर्षों में उभरे ‘धार्मिक पर्यटन’ के नए चलन ने इस बार भी हरिद्वार के बाजारों और घाटों की रौनक बढ़ा दी है। 31 दिसंबर से पहले ही शहर के होटलों, धर्मशालाओं और आश्रमों में बुकिंग लगभग फुल हो चुकी है।
पार्टी नहीं, आस्था के साथ नए साल का स्वागत
आमतौर पर नए साल का जश्न हिल स्टेशनों और क्लबों की पार्टियों तक सीमित माना जाता था, लेकिन अब यह धारणा बदल रही है। बड़ी संख्या में लोग, विशेषकर युवा, नए साल की शुरुआत मां गंगा के आशीर्वाद और स्नान के साथ करना पसंद कर रहे हैं। युवाओं का झुकाव सनातन संस्कृति और आध्यात्म की ओर बढ़ना हरिद्वार के लिए एक सुखद संकेत माना जा रहा है।
होटल कारोबार को मिला ‘बूस्ट’
सर्दियों के मौसम में अक्सर हरिद्वार में श्रद्धालुओं की संख्या कम रहती है, लेकिन नए साल के इस ट्रेंड ने पर्यटन उद्योग को नई संजीवनी दी है:
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फुल बुकिंग: 31 दिसंबर के लिए शहर के अधिकांश होटल और लॉज एडवांस बुक हैं।
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व्यापारियों में उत्साह: होटल कारोबारियों का मानना है कि यदि धार्मिक पर्यटन का यही ग्राफ रहा, तो हरिद्वार में कारोबार केवल सीजनल न रहकर साल भर अच्छा रहेगा।
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तीर्थ पुरोहितों की राय: स्थानीय तीर्थ पुरोहितों ने युवाओं के इस सांस्कृतिक जुड़ाव की सराहना की है। उनका कहना है कि पवित्र नदी के तट पर संकल्प लेकर नए साल की शुरुआत करना शुभ और प्रेरणादायक है।
बाजारों में चहल-पहल और रौनक
हरिद्वार के प्रमुख बाजारों जैसे हर की पैड़ी, बड़ा बाजार और कनखल में पर्यटकों की भारी आवाजाही देखी जा रही है। कड़ाके की ठंड के बावजूद गंगा घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। प्रशासन ने भी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
