प्रशासन की संयुक्त टीम ने ड्रोन से किया सर्वे, अतिक्रमणकारियों में मचा हड़कंप; एसआईटी कर रही जांच
तराई पश्चिमी वन प्रभाग के ग्राम पूछडी क्षेत्र में स्थित वन भूमि पर अवैध कब्ज़ा और अतिक्रमण का मामला फिर गर्मा गया है। इस भूमि पर लंबे समय से खेती की जा रही है, जबकि विभाग द्वारा पूर्व में भी अतिक्रमण चिन्हित किया गया था, लेकिन यह आज तक नहीं हटा।
इस बीच, वन विभाग ने रामनगर नगर पालिका को कूड़ा निस्तारण के लिए दी गई करीब एक हेक्टेयर भूमि पर से भी अवैध कब्ज़ा हटाने की तैयारी शुरू कर दी है, जिसके लिए नगर पालिका विभाग को लगभग एक करोड़ रुपए पहले ही दे चुका है।
संयुक्त सर्वे और विवाद: गुरुवार को अपर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार कत्याल, एसडीओ वन विभाग किरण शाह, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग एवं नगर पालिका की एक संयुक्त टीम ने इस क्षेत्र का सर्वे किया। मौके पर ड्रोन के माध्यम से भी अवैध अतिक्रमण की गई भूमि को चिन्हित किया गया, जिससे अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया। इस दौरान प्रशासनिक टीम के साथ मामूली कहासुनी भी हुई। प्रशासन की इस कार्रवाई से लगता है कि जल्द ही पहले चरण में नगर पालिका को दी गई भूमि से अवैध कब्ज़ा हटाया जाएगा।
एएसपी मनोज कुमार कत्याल का बयान: अपर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार कत्याल ने बताया कि इस क्षेत्र में अवैध कब्ज़ा और अतिक्रमण के मामले में वर्ष 2024 में कुछ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसकी जांच अभी जारी है। उन्होंने बताया कि इस पूरे प्रकरण में एसआईटी टीम का गठन कर जांच करने के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने खुलासा किया कि कुछ लोगों द्वारा कूटरचित दस्तावेज तैयार कर सीधे-साधे लोगों को यह सरकारी जमीन ओने-पौने दामों में बेची गई है, जिसे लेकर आज यह संयुक्त सर्वे किया गया।
