अतिक्रमण पर सख्त रुख: डीएम ने कहा—’हाईकोर्ट और सीएम के आदेश स्पष्ट, अवैध कब्जे पर होगी प्रभावी कार्रवाई’।
हरिद्वार। आम जनमानस की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में ‘जन सुनवाई’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी समस्याओं को जिलाधिकारी के समक्ष रखा। कार्यक्रम में लगभग 100 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनके निस्तारण के लिए डीएम ने संबंधित विभागों को समय सीमा के भीतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
अतिक्रमण और पेयजल की सर्वाधिक शिकायतें
जन सुनवाई के दौरान मुख्य रूप से अवैध अतिक्रमण, पेयजल संकट, सड़क मरम्मत और कानून व्यवस्था से संबंधित मामले सामने आए। जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को शिकायतों का तत्काल संज्ञान लेने को कहा। जो अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं थे, उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़कर समस्याओं के समाधान के लिए निर्देशित किया गया।
लापरवाह अधिकारियों को ‘रेड सिग्नल’
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (CM Helpline) की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सख्त तेवर दिखाए। उन्होंने उन अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी जिन्होंने लंबे समय से शिकायतों का निस्तारण नहीं किया है या शिकायतकर्ता से संपर्क तक नहीं साधा है। डीएम ने स्पष्ट किया कि जन समस्याओं के निस्तारण में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
अतिक्रमण पर चलेगा प्रशासन का डंडा
शहर में बढ़ते अतिक्रमण पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि माननीय उच्च न्यायालय और मुख्यमंत्री के स्पष्ट आदेश हैं कि अतिक्रमण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त न किया जाए। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि अपने-अपने क्षेत्रों में प्रभावी अभियान चलाकर अवैध कब्जों को मुक्त कराएं।
“आज जन सुनवाई में करीब 100 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। अतिक्रमण हमारे जनपद की एक बड़ी समस्या है, जिस पर प्रशासन बेहद गंभीर है। सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे जनता की समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण और त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करें।” — मयूर दीक्षित, जिलाधिकारी, हरिद्वार
