नैनीताल: कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के ढेला रेंज अंतर्गत साँवल्दे गांव में बाघ के हमले में एक महिला की मौत के बाद पार्क प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। विभाग ने बाघ को पकड़ने के लिए घटनास्थल पर पिंजरा लगा दिया है। साथ ही, चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन की ओर से बाघ को ट्रेंकुलाइज कर रेस्क्यू करने की आधिकारिक अनुमति भी मिल गई है।
जंगल गई महिला को बाघ ने बनाया निवाला
घटना शुक्रवार दोपहर की है, जब साँवल्दे गांव की 60 वर्षीय सुखिया देवी पत्नी चंदू सिंह जंगल में लकड़ी लेने गई थीं। इसी दौरान घात लगाकर बैठे बाघ ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। शनिवार को आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर सड़क जाम की और आदमखोर बाघ को गोली मारने की मांग उठाई।
हाथियों से गश्त और ड्रोन से निगरानी
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक राहुल मिश्रा ने बताया कि ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। वर्तमान में क्षेत्र में निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं:
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पिंजरा और कैमरा ट्रैप: बाघ की लोकेशन ट्रेस करने के लिए कई जगह कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं।
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हाथियों द्वारा गश्त: घने जंगलों और संवेदनशील इलाकों में हाथियों की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
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ड्रोन मॉनिटरिंग: आसमान से भी बाघ की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
उपनिदेशक राहुल मिश्रा ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए ग्रामीणों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सर्दियों के मौसम में वन्यजीव अधिक आक्रामक हो जाते हैं और भोजन की तलाश में आबादी की ओर रुख करते हैं।
