रुड़की (कोतवाली मंगलौर)। नाबालिग एवं महिला संबंधी अपराधों पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार की ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति का असर धरातल पर दिखने लगा है। मंगलौर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए लगभग एक साल से फरार चल रहे ₹25,000 के इनामी आरोपी मोहम्मद अब्बास को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से अपहृत नाबालिग को भी सकुशल बरामद किया है।
पुलिस को गुमराह करने के लिए रचा ‘दुबई’ का नाटक
रुड़की तहसील स्थित कार्यालय में एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि मंगलौर निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि मोहम्मद अब्बास उसकी नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट और अपहरण की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
पकड़े जाने के डर से शातिर आरोपी ने अपने परिजनों के माध्यम से यह अफवाह फैला दी कि वह नौकरी के लिए देहरादून से फ्लाइट पकड़कर दुबई जा चुका है। परिजन भी लगातार पुलिस को यही बयान देते रहे ताकि जांच की दिशा बदली जा सके।
इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मैनुअल पुलिसिंग से मिली सफलता
आरोपी के विदेश जाने के दावों के बीच पुलिस ने हार नहीं मानी। पुलिस टीम ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, तकनीकी साक्ष्यों और धरातलीय सूचनाओं (मैनुअल पुलिसिंग) का सहारा लिया। गहन जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी विदेश नहीं, बल्कि हैदराबाद में छिपकर रह रहा है।
हैदराबाद में घेराबंदी कर दबोचा
सूचना मिलते ही मंगलौर पुलिस की एक विशेष टीम ने हैदराबाद में डेरा डाल दिया। जैसे ही पुलिस को इनपुट मिला कि आरोपी मंगलौर लौटने की फिराक में है, टीम ने बीती रोज उसे घेराबंदी कर धर दबोचा। पुलिस ने उसके चंगुल से नाबालिग को भी छुड़ा लिया है।
“नाबालिग से जुड़े अपराधों को हम अत्यंत गंभीरता से लेते हैं। आरोपी ने पुलिस को चकमा देने के लिए विदेश भागने की झूठी कहानी रची थी, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा रही है।” — शेखर चंद्र सुयाल, एसपी देहात, रुड़की
