स्वास्थ्य सचिव ने एनीमिया को बताया बड़ी चुनौती, 50% महिलाएं प्रभावित; ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर ज़ोर
देहरादून| सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (एसडीजी) इंडेक्स में उत्तराखंड ने देश भर में नंबर वन पोजीशन हासिल कर बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। राज्य की इस सफलता का श्रेय आर्थिक और सांस्कृतिक कारकों के साथ-साथ विशेष रूप से स्वास्थ्य संबंधी पैरामीटर्स पर किए गए सफल कार्यों को दिया गया है।
हालांकि, राज्य की इस उत्कृष्ट उपलब्धि के बीच स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने महिला स्वास्थ्य सेक्टर की एक गंभीर चुनौती को उजागर किया है।
एनीमिया बनी महत्वपूर्ण समस्या
डॉ. आर राजेश कुमार ने विशेष रूप से महिला स्वास्थ्य सेक्टर पर ध्यान केंद्रित करते हुए कहा कि राज्य में एनीमिया एक महत्वपूर्ण समस्या बनी हुई है।
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आंकड़े: स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि उत्तराखंड में लगभग 50 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया से प्रभावित हैं, जिस पर तत्काल और प्रभावी काम करने की जरूरत है।
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चुनौती: उन्होंने कहा कि राज्य के सांस्कृतिक और भौगोलिक कारकों को देखते हुए एनीमिया जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए अस्पतालों और इलाज की सुविधाओं को जनता के द्वार तक पहुंचाना आवश्यक है।
लक्ष्यों को मजबूत करने की योजना
स्वास्थ्य सचिव ने जोर देकर कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों तक विस्तार देने से महिला स्वास्थ्य में निश्चित रूप से सुधार आएगा और इससे एसडीजी लक्ष्यों को और मजबूती मिलेगी।
उन्होंने स्वीकार किया कि यह एक बड़ा चैलेंज है, लेकिन राज्य सरकार इस दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रही है और जल्द ही इसमें सफलता मिलने की उम्मीद है। यह बयान दिखाता है कि जहां उत्तराखंड ने समग्र विकास में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, वहीं एनीमिया जैसी समस्याओं पर फोकस बढ़ाने की आवश्यकता है।
