देहरादून | उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू द्वारा बिहार की महिलाओं पर की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। सोमवार को इस विवाद की गूँज राजधानी देहरादून की सड़कों पर सुनाई दी, जहाँ महिला कांग्रेस ने डालनवाला कोतवाली का घेरावकर जमकर हंगामा किया और साहू के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज करने की मांग की।
कोतवाली में धरना और भारी हंगामा
महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में दर्जनों महिला कार्यकर्ता डालनवाला थाने पहुँचीं। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि गिरधारी लाल साहू ने अल्मोड़ा में एक सभा के दौरान बिहार की महिलाओं के प्रति बेहद अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया है, जिससे नारी शक्ति का अपमान हुआ है। जब पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज करने से इनकार किया, तो आक्रोशित महिलाएँ कोतवाली परिसर में ही धरने पर बैठ गईं।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस का कहना था कि प्रार्थना पत्र की जाँच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, कार्यकर्ता ‘जीरो FIR’ दर्ज करने की मांग पर अड़ी रहीं। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने प्रदर्शनकारी महिलाओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया। कुछ ही घंटों बाद रिहा होने पर महिलाएँ दोबारा थाने पहुँचिं और अपना विरोध जारी रखा।
राष्ट्रीय स्तर पर गरमाया मुद्दा
यह विवाद केवल उत्तराखंड तक सीमित नहीं है। बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर गिरधारी लाल साहू के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जब तक माफी और कानूनी कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
