हरिद्वार। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (ULSA) नैनीताल के तत्वावधान में आज कोर कॉलेज हरिद्वार में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत एक वृहद जागरूकता एवं बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नैनीताल उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री गुहानाथन नरेंद्र जी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
नशा मुक्ति के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी
मुख्य अतिथि श्री गुहानाथन नरेंद्र जी ने कहा कि पूरे देश और प्रदेश में नशा मुक्ति के खिलाफ व्यापक अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ऐसे अभियानों से लोगों में जागरूकता आएगी और हमारा प्रदेश व भारत जल्द ही नशा मुक्त होगा। उन्होंने सफल आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई भी दी।
युवा पीढ़ी को जागरूक करना मुख्य उद्देश्य
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव प्रदीपमणि त्रिपाठी ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज का कार्यक्रम विशेष रूप से देश में बढ़ रही नशे की प्रवृत्ति के खिलाफ लोगों को जागरूक करने के लिए था। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य है कि युवा पीढ़ी नशे से दूर रहे और ड्रग्स के खिलाफ आम आदमी भी जागरूक हो।”
त्रिपाठी ने यह भी माना कि नशा मुक्ति अभियान को सफल बनाने के लिए सिस्टम को मजबूत बनाना होगा, क्योंकि कोई अकेला व्यक्ति या संस्था इस लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर सकती। उन्होंने कहा, सिस्टम में व्याप्त खामियों को दूर करके ही हम अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।
कानूनी साक्षरता और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा
सदस्य सचिव ने बताया कि नालसा (NALSA) द्वारा आयोजित इस अभियान का एक अन्य महत्वपूर्ण उद्देश्य लोगों को विधिक साक्षरता उपलब्ध कराना भी है। इसका लक्ष्य है कि लोग अपने कानूनी अधिकारों को जान सकें और जरूरतमंद लोगों को सस्ती, सुलभ और मुफ्त कानूनी सेवा उपलब्ध हो सके।
इस अवसर पर विभिन्न सरकारी विभागों और स्वयं सहायता समूहों (SHGs) द्वारा स्टॉल लगाए गए, जिनका उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को आम लोगों तक सुलभ कराना और समूह से जुड़ी महिलाओं की आय बढ़ाना था। शिविर में पुलिस विभाग द्वारा भी चलाए जा रहे अभियानों की प्रदर्शनियाँ लगाई गईं। बच्चों ने एक चित्रकला प्रदर्शनी में भाग लिया, जिसके माध्यम से उन्होंने नशा मुक्ति और शिक्षा की अनिवार्यता का संदेश दिया।
