तीन कमरों में चल रही थीं सात कक्षाएं; बिना मान्यता बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे शिक्षा माफियाओं में हड़कंप।
उधम सिंह नगर। शिक्षा के पवित्र मंदिर को ‘धंधा’ बना चुके रसूखदारों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। बाजपुर के ग्राम बाजपुर स्थित ‘ग्रीन वैली स्कूल’ में एसडीएम अमृता शर्मा की औचक छापेमारी ने शिक्षा जगत में मचे भ्रष्टाचार और लापरवाही की कलई खोलकर रख दी है। भारी पुलिस बल के साथ हुई इस कार्रवाई से क्षेत्र के शिक्षा माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
तीन कमरों में सात कक्षाएं, मानकों की उड़ी धज्जियां
एसडीएम की जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले और शर्मनाक हैं। नियमों को ताक पर रखकर स्कूल का संचालन महज़ तीन कमरों के भीतर किया जा रहा था, जिनमें सात कक्षाओं के बच्चों को ठूंस-ठूंस कर बिठाया गया था। न तो बच्चों के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था थी और न ही सुरक्षा के कोई मानक।
बिना मान्यता और सिर्फ 4 शिक्षकों के भरोसे स्कूल
जांच में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि स्कूल के पास संचालन के लिए आवश्यक वैधानिक मान्यत तक नहीं है। पूरी स्कूल व्यवस्था को मात्र चार शिक्षकों के भरोसे छोड़ दिया गया था। शिक्षा के नाम पर वसूली करने वाले इस संस्थान के पास बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव पाया गया।
शिक्षा विभाग की भूमिका पर उठे सवाल
इस छापेमारी ने स्थानीय शिक्षा विभाग को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। सवाल उठ रहा है कि आखिर विभाग की नाक के नीचे इतने समय से यह अवैध कारोबार कैसे फल-फूल रहा था? क्या यह विभाग की ‘लापरवाही‘ है या भ्रष्ट अधिकारियों के साथ ‘मिलीभगत’? प्रशासन अब इस पहलू की भी जांच कर रहा है कि ऐसे कितने और स्कूल क्षेत्र में अवैध रूप से चल रहे हैं।
प्रशासन की सख्त चेतावनी
एसडीएम अमृता शर्मा ने स्पष्ट कर दिया है कि नौनिहालों के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा:
“शिक्षा को व्यापार बनाने वालों के खिलाफ यह कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। जो भी विद्यालय मानकों को पूरा नहीं करेंगे या बिना मान्यता के चलते पाए जाएंगे, उन्हें सील कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
