हरिद्वार | प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य और ब्राह्मण बटुकों के साथ हुए कथित अभद्र व्यवहार की गूंज अब धर्मनगरी हरिद्वार में भी सुनाई देने लगी है। इस घटना के विरोध में स्थानीय सामाजिक संगठनों और राजनीतिक गलियारों में भारी आक्रोश व्याप्त है। सनातन परंपरा के अपमान को लेकर कांग्रेस नेता अशोक शर्मा ने एक कड़ा संदेश देते हुए सार्वजनिक रूप से अपना मुंडन कराया।
हरिद्वार के विभिन्न संगठनों ने इस घटना को सनातन संस्कृति और धार्मिक मर्यादाओं का उल्लंघन बताया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पूज्य शंकराचार्य का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक राजनीतिक दल का विरोध नहीं है, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था का सवाल है।
प्रतीकात्मक रूप से सिर मुंडवाने के बाद कांग्रेस नेता अशोक शर्मा ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा, “मेरा यह कदम किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं है। यह शंकराचार्य और ब्राह्मण समाज के सम्मान की रक्षा के लिए एक मौन परंतु कड़ा विरोध है।” उन्होंने आगे कहा कि प्रयागराज की घटना ने पूरे सनातन समाज को शर्मसार किया है और जब तक दोषियों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई नहीं होती, यह आंदोलन थमेगा नहीं।
प्रमुख मांगें:
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प्रयागराज घटना के दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी।
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धार्मिक आयोजनों में संतों और बटुकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना।
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प्रशासन द्वारा इस पूरे मामले पर सार्वजनिक माफी और स्पष्टीकरण।
फिलहाल, इस घटना के बाद हरिद्वार में सुरक्षा और सतर्कता बढ़ा दी गई है, जबकि संतों की टोलियां भी इस विरोध में शामिल होने की रणनीति बना रही हैं।
