डोईवाला में जुटे 150 प्रतिनिधि; एमएसपी गारंटी और जल-जंगल-जमीन बचाने का लिया संकल्प
डोईवाला। अखिल भारतीय किसान सभा (AIKS) उत्तराखंड का 7वां राज्य सम्मेलन डोईवाला में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लगभग 150 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और उत्तराखंड के पहाड़ी व मैदानी क्षेत्रों में किसानों के समक्ष आ रही चुनौतियों पर गहन मंथन किया।
कृषि संकट और आत्महत्याओं पर चिंता
सम्मेलन के मुख्य वक्ता, अखिल भारतीय किसान सभा के केंद्रीय महासचिव कॉमरेड डॉ. विजू कृष्णन ने देश में बढ़ते कृषि संकट पर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा, “सरकारी आंकड़े गवाह हैं कि देशभर में लाखों किसान और खेतिहर मजदूर आत्महत्या के लिए मजबूर हैं। पिछले 11 वर्षों में किसान, मजदूर और आम जनता की आर्थिक स्थिति लगातार बदतर हुई है।”
लागत बढ़ी, दाम घटे: एमएसपी पर घेराव
डॉ. विजू कृष्णन ने एमएसपी (MSP) गारंटी कानून पर सरकार की विफलता को रेखांकित करते हुए कहा:
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बढ़ती लागत: बिजली, बीज, खाद और कीटनाशकों की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हो रही है।
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वादाखिलाफी: सरकार लागत के अनुपात में फसलों का उचित दाम देने और एमएसपी पर किए गए वादों को पूरा करने में पूरी तरह विफल रही है।
उत्तराखंड के मुद्दों पर मंथन
सम्मेलन में स्थानीय समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें मुख्य बिंदु रहे:
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प्राकृतिक आपदाएं: फसलों पर आपदा का असर और मुआवजे की कमी।
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जंगल-जमीन का सवाल: जल, जमीन और जंगल को बचाने के लिए ठोस रणनीति।
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कर्ज का जाल: राज्य के किसानों को कर्ज के बोझ से मुक्ति दिलाने की मांग।
आगामी रणनीति तैयार
सम्मेलन के दौरान उत्तराखंड के जल-जमीन और जंगल के संरक्षण के लिए आगामी आंदोलन की रणनीति बनाई गई। विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए और तय किया कि किसानों के हक की आवाज को ब्लॉक स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक बुलंद किया जाएगा।
