एकल महिला स्वरोजगार योजना
देहरादून। उत्तराखंड की मातृशक्ति को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में धामी सरकार ने एक और बड़ा कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजधानी देहरादून में ‘मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’ का विधिवत शुभारंभ किया। इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य राज्य की उन एकल महिलाओं को स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना है, जो विपरीत परिस्थितियों में भी अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं। सरकार का मानना है कि इस पहल से महिलाएं न केवल स्वावलंबी बनेंगी, बल्कि राज्य की आर्थिकी में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगी।
योजना की बारीकियों पर नजर डालें तो सरकार महिलाओं को उनके खुद के व्यवसाय की कुल परियोजना लागत पर 50 से 75 प्रतिशत तक का भारी अनुदान प्रदान कर रही है। इस आर्थिक सहायता के जरिए पात्र महिलाएं टेलरिंग, ब्यूटी पार्लर, बेकरी और जनरल स्टोर जैसे विभिन्न क्षेत्रों में अपना लघु उद्योग स्थापित कर सकेंगी। योजना का लाभ लेने के लिए 21 से 50 वर्ष की आयु सीमा निर्धारित की गई है, जिसमें अविवाहित, विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता, ट्रांसजेंडर और एसिड पीड़ित महिलाओं को शामिल किया गया है। योजना के लिए वही महिलाएं पात्र होंगी जिनकी वार्षिक आय 72,000 रुपये से अधिक नहीं है।
प्रशासनिक स्तर पर इस योजना को लेकर खासी तत्परता देखी जा रही है। सरकार ने शुरुआती चरण में राज्य की 2000 महिलाओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा है, जिसके सापेक्ष अब तक विभिन्न जिलों से 484 महिलाओं का चयन कर उन्हें सहायता प्रदान की जा रही है। अन्य जिलों में भी पात्र महिलाओं के चयन की प्रक्रिया गतिमान है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि यह योजना एकल महिलाओं के जीवन में आत्मविश्वास का संचार करेगी और उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूती प्रदान करने में मील का पत्थर साबित होगी।
