देहरादून। इस बार उत्तराखंड में बारिश-बर्फबारी ना होने से चल रही सुखी और ठंडी हवाए लोगों की आँखों को सबसे ज्यादा निशाना बना रही है। जिसके कारण दून मेडिकल कॉलेज सहित सभी बड़े अस्पतालों के नेत्र ओपीडी में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। रोजाना आने वाले मरीजों में करीब 30 फीसदी ठंड और शुष्क हवा के कारण आँखों में जलन, सूखापन, चुभन और लालिमा की शिकायत लेकर आ रहे हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि नवंबर-दिसंबर के ठंडे मौसम में कंजंक्टिवाइटिस (आँख आना) के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं, जबकि यह बीमारी आमतौर पर सिर्फ बरसात में होती है। कुछ मरीजों में खतरनाक एडिनो वायरल कंजंक्टिवाइटिस भी मिला है, जिसमें कॉर्निया पर काले धब्बे बन रहे हैं।
हीटर और बिना चश्मे घूमना बन रहा बड़ा कारण
डॉक्टरों के अनुसार रूम हीटर का ज्यादा इस्तेमाल और बाहर धूप में बिना चश्मे घूमना मुख्य वजह है। हीटर से कमरे की हवा सूख जाती है, जिससे आँखों का प्राकृतिक पानी खत्म हो जाता है।
डॉक्टरों की सलाह – ऐसे बचें
हीटर के पास पानी की कटोरी जरूर रखें
खूब पानी पिएं
बाहर निकलते समय चश्मा लगाएँ
आँखें कभी न रगड़ें, हाथ धोकर ही आँखें छुएं
डॉक्टर से लुब्रिकेंट ड्रॉप्स लें
डॉ शांति पांडेय ने कहा वर्तमान समय में एक नया पैटर्न देखने को मिला है जो आमतौर पर ठंड के मौसम में देखने को नहीं मिलता है. वर्तमान समय में कंजंक्टिवाइटिस के मामले देखे जा रहे हैं. ऐसे मामले बरसात के समय और सितंबर महीने तक ही सामने आते हैं. वर्तमान समय में वायरल कंजंक्टिवाइटिस के मामले सामने आ रहे हैं. इसके अलावा एक खतरनाक बीमारी एडिनो वायरल कंजंक्टिवाइटिस के भी कुछ मरीज सामने आए हैं. जिसमें कॉर्निया (Cornea) पर ब्लैक स्पॉट आ रहे हैं. इससे संबंधित मरीज जब अस्पतालों में पहुंचते हैं तो वो अचानक उनकी आंख में कुछ चला गया है. आंखों में रेडनेस होना, आंखों से पानी निकलना और चुभन होना जैसी समस्याएं बताते हैं. ऐसे में पहली बार उन्होंने देखा है कि नवंबर के महीने में कंजंक्टिवाइटिस सैग्रचित मरीज रिपोर्ट किया जा रहे हैं.
